जीवन में उदासियाँ आयें तो भी मुस्कराहट के फूल खिलाते रहिये,,ज्यादा उदास हों,,तो ज्यादा मुस्कुराना,,तब उसकी ज्यादा जरुरत होती है..धैर्य को मत टूटने दें,,साहस बहुत जरुरी है.संतुलन बनाये रखना,,खुद को खुद ही समझाने वाले बनो,,अपने आंसुओं को स्वयं ही पोंछने वाले बनो,,कोई दूसरा आपको समझाने वाला नहीं हो सकता..दुनिया में भीड़ बहुत है,,पर सच में हर इन्सान को अकेले ही जीना पड़ता है..अपने कर्मों का दुःख--सुख हर इन्सान खुद ही भोगता है..सुख में सब साथी बनेंगे पर दुःख में सब हाथ छोड़ देंगे..सुधांशुजी महाराज
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