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VISHWAJAGRITI MISSION DELHI PAR AAPKA SWAGAT HE

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Friday, December 20, 2013

vichaar






Cover Photo

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Fwd: [R A J G A R G] मन की शान्ति के लिए



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 19 December 2013 10:15
Subject: [R A J G A R G] मन की शान्ति के लिए
To: mggarga312@gmail.com



Subject: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति के लिए


हरिओम
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मन की शान्ति के लिए 




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 12/18/2013 07:40:00 PM



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to R A J G A R G at 12/19/2013 10:15:00 AM

Tuesday, December 17, 2013

Fwd: [AAJKAA VICHAR] life is like



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga312@gmail.com>
Date: 15 December 2013 11:53
Subject: [AAJKAA VICHAR] life is like
To: mggarga312@gmail.com



santosh modi


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AAJKAA VICHAR at 12/15/2013 11:53:00 AM

Saturday, June 22, 2013

भगवान का नियम



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/22
Subject: [AMRIT VANI ] No.1620 आज का गुरु संदेश 22-6-2013 भगवान का नियम
To: mggarga@gmail.com


हरिओम 
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No.1620 आज का गुरु संदेश 22-6-2013 भगवान का नियम





भगवान का नियम भगवान से भी ऊपर हे ,भगवान् अपने नियम कभी नहीं तोड़ते ! भगवान से उनका नियम बदलने के लिए कभी प्रारथना मत करो ,उनके नियमो का पालन करो ! 


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/22/2013 04:18:00 PM

Friday, June 21, 2013

ज्ञान की प्यास






हरिओम 
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no.1619 आज का जीवन सूत्र 21-6-13
ज्ञान की प्यास क़ा नाम जिज्ञासा है !
भगवान की प्यास क़ा नाम भक्ति है 




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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/21/2013 10:01:00 AM

Thursday, June 20, 2013

बेटी के सुखी जीवन के लिए





बेटी के सुखी जीवन के लिए
* ससुराल पक्ष के लोग और उसके पति को उनकी आदतें,
स्वभाव , रुचियाँ समझने और उनके साथ तालमैल मिलाने

 का अवसर है !
* हर बात में बेटी का पक्ष न लें ! उसे त्याग ,समर्पण ,सहयोग ,
एवं प्रत्येक के साथ मधुर व्यवहार की शिक्षा दें !
* ससुराल वाले बहू को बेटी मानें यह बहुत अच्छा हे लेकिन
बहू ससुराल में स्वंय को बेटी मानने की भूल कभी न करे !
*क्योकि बेटी अपने माता पिता के घर में माता-पिता और भाइ -बहन इत्यादि सेअपेक्षा और अपने कार्य के प्रति उपेक्षा रखे तो चलता है लकिन ससुराल मेंयही अपेक्षा और उपेक्षा भारी कष्ट का कारण बनती है !
* अगर किसी से कोई कठोर बात कहने की आवश्यकता पडे यो उसे मधुर शब्दों में ही कहना चाहिए !
* पति के घर में सबकुछ पिता के घर जैसा कभी नही होता !
इसलिए बेटी को ससुराल में ससुराल की परिस्थितियां ,वहां क्र अभाव -
प्रभाव ,लोकरीति,व्यवहार ,रीति तथा कुल परम्पराओं के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दें !
*अगर कोई अच्छी बात अच्छी आदत को बेटी वहां के लोगों में
डालना चाहती हे तो बडी सावधानी ,धैर्य एवं धीरे धीरे और उसका स्वयं आचरण
करके प्रारंभ करे अन्यथा वहां के लोगो का अहंइसे सहन नहीं कर पायेगा!
*पति को उसके माता पिता ,भाई बहन के प्रति दायित्वों से विमुख करने का प्रयास कभी न करें इससे मनों में कटुता आती है !
*स्त्री पर तीन कुलों के निर्माण का दायित्व होता है उसे इस गरिमा को कभी नहीं भूलना चाहिए !
*इस महान कार्य की पूर्ति वह प्रेम ,सहनशीलता सदव्यवहार ,सदाचरण एवं त्यागपूर्ण जीवन से ही कर सकती हैं !
धर्मदूत जुलाइ 2010 से !


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तुम्हारी महिमा को कोई नहीं







तुम्हारी महिमा को कोई नहीं समझ सकता ,अपनी महानता को स्वयं समझो ! आसमान में पगडडियां नहीं होती ! अपना रास्ता स्वय ढूंढना पडता हे ! जूझने के लिए स्वयं प्रयास करना पडेगा !बहते हुए आंसुओ को अपने हाथों से पोंछना ! अच्छे के लिए खुद ही अपनी पीठ थपथपाना !दूसरे से प्रेरणा ले सकते हें !मगर इस ताक में मत रहो कि कोई दूसरा आकर आपका सुधार कर देगा ! अपने दोश देखें , मगर हीन भावना न आने दें! आप परमात्मा के पुत्र हें तो परमात्मा के महान गुंण आपमें हें ,अपनी दिव्यता को याद रखो ! 

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Wednesday, June 19, 2013

सत्संग की महिम अपरम्पार






सत्संग की महिम अपरम्पार


हरिओम 
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No.1617 आज का गुरु संदेश 19-6-2013


सत्संग की महिम अपरम्पार है। कैसी भी विषम परिस्थितियों मे उनके संपूर्ण समाधानों के प्रशस्त पथ का एक नाम है सत्संग है। परम तत्त्व के चिंतन का नाम ही सत्संग है। सत्संग से नव-जीवन मिलता है, विचारो का शुद्धिकरण सत्संग से ही होता है। सज्जन,श्रेष्ट सतगुरु, महात्मा, ऋषि-मुनियों एवं सद्ग्रत्न्तथो के संग को भी सत्संग कहा जाता है।

गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/19/2013 04:18:00 PM

Saturday, June 15, 2013

जब भगवान की कृपा



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/13
Subject: [AMRIT VANI ] जब भगवान की कृपा
To: mggarga@gmail.com


हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 1 3 -6 -1 3 
जब भगवान की कृपा होती है तो वह बिना मांगे ही जितनी आपको जरूरत होती है उतना दे देते है आपका काम नहीं रुकता !


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Wednesday, June 12, 2013

मुझे क्रोध बहुत आता हे



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/12
Subject: [jigyasa aur samadhan] मुझे क्रोध बहुत आता हे
To: mggarga@gmail.com


मुझे क्रोध बहुत आता हे


प्रश्न :-मुझे क्रोध बहुत आता हे !क्रोध की स्थिति में कुछ भी कर डालता हूँ जो कई बार बहुत हानिकारक भी होता है ! में क्या करूँ कैसे अपने क्रोध को रोकूँ? 
गुरूदेव :-आप पहले तो एकांत में बैठकर यह विचार करें कि आपको क्रोध आता ही क्यों है !सामान्यत: व्यक्ति जो सोचता है वह नहीं हो पाए ,स्वार्थ सिद्धि  में बाधा आए , अथवा परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाए तो क्रोध आता है ! हानि  से बचने के लिए आवश्यक यह है कि जब भी क्रोध आए , लम्बी गहरी श्वास लें और क्रोध के विषय से स्वंय को दूर ले जाए और प्रतिकार को २४ घंटे के लिए टाल दें !मन में अपने गुरु का ध्यान और मन्त्र जाप शुरू कर दें !बाद में एकांत में विचार करें इस स्थिति के लिए में कहाँ तक दोषी हूँ !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to jigyasa aur samadhan at 6/12/2013 05:02:00 PM

शान्ति के समान



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/12
Subject: [AMRIT VANI ] आज का जीवन सूत्र 12-6-2013
To: mggarga@gmail.com




हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 12-6-2013

  • शान्ति के समान कोई तप नहीं हे !

  • • संतोष से बढ्कर कोई सुख नहीं हे !

  • • तृष्णा से बढकर कोई व्याधि नहीं हे !

  • • दया के समान कोई धर्म नहीं हे !

  • • सत्य जीवन हे और असत्य मृत्यु हे !

  • • घृणा करनी हे तो अपने दोषों से करो !

  • • लोभ करना हे तो प्रभू के स्मरण का करो !

  • • बैर करना हे तो अपने दुराचारों से करो !

  • • दूर रहना हे तो बुरे संग से रहो !

  • • मोह करना हो तो परमात्मा से करो !

  • • पुज्य सुधान्शुजी महाराज


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Sunday, June 9, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] दूसरों के दोष



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/8
Subject: [AMRIT VANI ] दूसरों के दोष
To: mggarga@gmail.com


दूसरों के दोष ढूंढने में अपनी शक्ति का अपव्यय मत करो। अपने 
आप को ऊँचा उठाने का हर सम्भवप्रयास जारी रखो, उसे कम न 
होने दो।हर किसी में अच्छाई को ढूंढो, उससे कुछ सीखकर अपना
 ज्ञान और अनुभव बढाओ। इससे तुम  ऊँचाई तक पहुँच
 सकते हो।

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/08/2013 12:42:00 PM

Saturday, June 8, 2013

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Friday, June 7, 2013

आज का प्रवचनांश ७ -६ -२ ० १३

हरिओम 
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आज का प्रवचनांश ७ -६ -२ ० १ ३  

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

आप किसी का साथ यह सोच कर मत छोडो की उसके पास तुम्हें देने को कुछ नहीं है ! यह सोच कर उसका साथ निभाओ की उसके पास तुम्हारे सिवा और कुछ नहीं है !

Thursday, June 6, 2013

आज का गुरु संदेश6-6-2013

हरिओम 
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आज का गुरु संदेश6-6-2013


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


ध्यान द्वारा आप अपने अन्दर की छुपी हुई शक्तियों को प्रकट करते हैं !

गुरुवर


शिव महा शक्ती


Tuesday, June 4, 2013

आज का जीवन सूत्र 4-6-13

हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 4-6-13


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

1] 
आप शरीर नहीं हो आत्मा हो शरीर मिटता है आत्मा नहीं !

2] जब भगवान् की कृपा होती  है तो वह उसे गुरु देते हैं और गुरु जीने की विधि सिखाता है और भगवान् से मिलने  की  विधि बताता है !

Monday, June 3, 2013

आज का जीवन सूत्र 3-6-2013

हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 3-6-2013



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


रिश्तों की भीड़ होने के बावजूद हमें यात्रा अकेले ही करनी है और अपना कल्याण खुद ही करना है !

Sunday, June 2, 2013

जीवन जब सार्थक


हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जीवन जब सार्थक होता है जब हमको अपने जीने का मकसद पता लग जाए !

Friday, May 31, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] kam ki baten



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: Thu, May 30, 2013 at 8:02 PM
Subject: [AMRIT VANI ] kam ki baten
To: mggarga@gmail.com





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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 5/30/2013 08:02:00 PM

Wednesday, May 29, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति ( भाग ८)



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/29
Subject: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति ( भाग ८)
To: mggarga@gmail.com



  • गुण ग्राहक बनो अवगुण मत देखो !
  • मुस्काराना सीखो ऐसा कराने से क्रोध नहीं अयगा !
  • शान्ति की इच्छा से शान्ति नहीं आती ,इच्छाओं की शान्ति से शान्ति आती है !
  • झुकना सीखो !
  • अपने साथ ,अपने रथ के साथ ज्यादती मत करो !
  • नीद पुरी करो !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 5/29/2013 09:30:00 AM

Friday, May 24, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति (भाग ६)



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/24
 मन की शान्ति (भाग ६)




  • घर में शान्ति बनाने के लिए अगर कुछ सहना भी पड़े तो सह लो !
  • वयायाम और प्राणायाम रोज़ नियम से करो !
  • माथा हमेशा ठंडा रखो !
  • विश्वास को कम मत होने दो
  • शंका-शक -संशय कराने की आदत छोडो



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Thursday, May 23, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति (भाग ५ )







  • किसी प्रकार के विकार मन में मत आने दो ।
  • ज्यादा से ज्यादा सेवा कार्य करो !
  • क्षमा करने का गुण अपनाओ !
  • उतावलापन और चनचलता छोडो !
  • हमेशा नियमित रहो !




Fwd: आज का विचार - 5/18/13



 Praveen Verma

जो निःस्वार्थ भाव से दूसरे की सेवा करता है, उसका काम स्वंय परमात्मा करने को हमेशा तैयार रहते हैं।



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


God is always willing to take care of those that help others selflessly.


Humble Devotee


 


Fwd: आज का विचार - 5/19/13



: Praveen Verma

पूर्ण रूप से प्रसन्नता पाने के लिए अपनी व्यवस्था को सुव्यवस्था में बदलोअव्यवस्था में नहीं।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


In order to attain complete happiness, change your system from chaos to well thought-out one.


Humble Devotee


Fwd: आज का विचार - 5/20/13



: Praveen Verma


जीवन में जो नहीं है सिर्फ़ उसी को  देखते रहो, जो है उस के प्रति ध्यान रखकर खुशी मनाओ।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Do not keep looking for what you do not have in your life.  Be happy with what you have.


Humble Devotee


Fwd: आज का विचार - 5/21/13



 Praveen Verma


जहां हो, जिस स्थिति में हो, जिस परिस्थिति में हो, जिस हालात में हो, उसी में आनंद मनाते हुए चलिए।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Wherever you are and no matter what situation and circumstances you find yourself in, you should feel blissful. 


Humble Devotee


Fwd: आज का विचार - 5/22/13



 Praveen Verma

अपने आप अपनी ऊंचाई बनाओ और फ़िर खुद उस पर जाकर बैठो। धीरे धीरे अपने को विकसित करो।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Set your own high bar and make every effort to reach it. Gradually, bit by bit, increase your potential.



Humble Devotee


Wednesday, May 22, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति (भाग ४ )



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/22
Subject: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति (भाग ४ )
To: mggarga@gmail.com



  • किसी बात की चिंता मत करो ,
  • निरभय रहो -शान्ति आयेगी ,
  • सोचो जो हुआ अच्छा हुआ ,जो होरहा हे अच्छा हो रहा हे , जो होगा अच्छा होगा ,
  • बहस करो मगर तक्रार मत करो ,
  • खाने पीने का ध्यान रखो ,क्योंकि जैसा अन्न वैसा मन .और जैसा पानी वैसी वाणी !!


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 5/22/2013 09:55:00 AM

Tuesday, May 21, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )..



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/20
Subject: [AMRIT VANI ] Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )..
To: mggarga@gmail.com










  • भूत को याद करके दुःखी मत होओं !
  • भविष्य की चिंता मत करो !
  • वर्त्तमान में जीओ !
  • किसी से कोई अपेक्षा मत रखो !
  • अपने कर्म बिना फल की इच्छा के करते जाओ !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 5/20/2013 04:56:00 PM

मन की शान्ति (भाग -३ )..

Monday, May 20, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )..



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/20
Subject: [AMRIT VANI ] मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )..
To: mggarga@gmail.com






  • भूत को याद करके दुःखी मत होओं !
  • भविष्य की चिंता मत करो !
  • वर्त्तमान में जीओ !
  • किसी से कोई अपेक्षा मत रखो !
  • अपने कर्म बिना फल की इच्छा के करते जाओ !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 5/20/2013 04:55:00 PM

Fwd: shanti



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From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/5/20
Subject: shanti
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Saturday, May 18, 2013

जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे

जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे 
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मनुष्य के गुण उसके जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं ! संपत्ति तो संसार मैं ही रह जायेगी यहीं कमाई जाती है , लेकिन गुण तो जन्म जन्मानतर तक काम आयेंगे !आपका स्वच्छ अंतर्मन , निर्मल स्वभाव इस दुनिया मैं भी आपको सुखी करेगा और अगली दुनिया मैं भी सुखी करेगा !सजी हुई आत्मा आपको उच्च सिंहासन पर बैठाएगी !आपका निर्मल ह्रदय परम प्रभु का आसन बनेगा ! आपके मन में उठती हुई भावनये आपको अपने प्रभु का चिंतन करने के लिए तत्पर करेगी ! इसलिए दुनिया की कोई भी दौलत इतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितने गुण !good morning

jindagi


dukh

Kisi Bhi Insan ki Khushi, Ki "WAJAH" Bano,
Khushi Ka "HISSA" Nhi
Aur Kisi Bi Insan Ke Dukh Ka "HISSA" Bano,
Dukh Ki "WAJAH" Nhi.

aasaan


Fwd: आज का विचार - 5/17/13



 Praveen Verma


आत्म सुधार व आत्मिक विकास के लिए आज से ही चेष्टा शुरु होनी चाहिए खुद से खुद का उद्धार कीजिए।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Endeavor for self-reformation and self growth should start from today itself. You only can uplift yourself.


Humble Devotee


Friday, May 17, 2013

आज का जीवन सूत्र १७ /५/२० १ ३

हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र १७ /५/२० १ ३  
इन चीजों से बचो :-
१] ईर्शा :-ईर्शा के आग से चमड़ी नहीं जलती बल्कि दिल जलता है ! जलने जलाने मैं मत लगो ! द्वेष रहित जीवन बिताओ !
इर्षा ऐसी जलन है जो   जलाती है पर आग और जलने की जगह दिखाई नहीं देती और न इसके लिए कोई बर्नोल है ! ऐसे मजाक से भी बचो जो दूसरे को जलाए !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Fwd: आज का विचार - 5/16/13



 Praveen Verma


दो चीजें याद रखो – अभिमान व स्वाभिमान । अभिमान कभी किसी को आगे बढ़ने नहीं देता और स्वाभिमान कभी किसी को नीचे गिरने नहीं देता।

अभिमान को आने न दें और स्वाभिमान को खोने न दें ।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Remember two things - Pride and Self Respect. Pride or arrogance never let anyone move forward and self respect never let anyone down. 

Do not let pride run your life and always maintain your self respect.